types of loan in hindi
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types of loan in hindi 2024 |भारत में कितने तरह के मिलते हैं लोन, अप्लाई करने से पहले समझ लें पूरा हिसाब-किताब

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types of loan in hindi: आज के समय में आमदनी कम व अधिक खर्चो के चलते नागरिकों के बीच बैंक लोन काफी प्रचलन में है। आप कोई भी ऐसा काम शुरू करने जा रहे हैं जिसमें पैसों की ज्यादा जरूरत है तब आपके पास लोन एक अच्छा विकल्प बन जाता है। हालांकि भारत में बहुत से लोग लोन लेने में कतराते हैं और बिना पैसों के अपने किसी भी प्रकार के स्टार्ट अप, हायर एजुकेशन आदि किसी काम को शुरू नहीं कर पाते। देखा जाय तो जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए पैसों की कमी पड़ने पर, लोन का रिस्क उठाया जा सकता है। आजकल बैंकों ने भी लोन से जुड़े ढेर सारे विकल्प खोल रखे हैं।

लोन क्या होता है (What is Loan) ? types of loan in hindi

जब आप अपनी आर्थिक समस्या को दूर सुधारने के लिए किसी बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण लेते हैं और फिर उसे निर्धारित समय अवधि में ब्याज के साथ उसी बैंक या वित्तीय संस्था को वापस भी कर देते हैं, तो उसे ही लोन कहते है। आज हम आपको हिंदी मे बताएगे types of loan in hindi लोन मे आप पैसों की जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति की बजाय बैंक या वित्तीय संस्था से उधार (ऋण) लेते हैं। लोन और उधार में इतना अंतर है कि उधार को आप कितने भी समय तक उतनी ही राशि के साथ वापस करते हैं, जबकि लोन में तय सीमा के अंदर पैसे वापस देने होते हैं वो भी एक निश्चित ब्याज के साथ।

लोन पर ब्याज दर और चुकाने का समय

लोन पर ब्याज दर (interest rate) कितना लगेगा और कितने दिनों में उस लोन को चुकाना है, ये सब कुछ बैंक और ऋण लेने वाले व्यक्ति के बीच लोन लेते वक्त ही निर्धारित कर दिया जाता है। हु,आरी जो भी जरूरत होती है उसी हिसाब से किसी भी बैक से लोन लेते हैं और लोन के प्रकार निर्भर करता है कि लोन ली गयी राशि पर कितना ब्याज लगेगा। इसी तरह लोन चुकाने की अवधि किसी बैंक या वित्तीय संस्था से लिए गए लोन के प्रकार पर निर्भर करती है। आम तौर पर हम देखते है लोन को कम से कम 1 साल के लिए लेना होता है।

बैंक लोन के प्रकार (types of loan in hindi) ?

अब हम इस आर्टिकल मे भारतीय बैंकों के द्वारा दिये जाने वाले विभिन्न लोन (types of loan in hindi) की बात करेंगे। बैंकों की और से ग्राहक एक दो या तीन नहीं बल्कि एक दर्जन से भी ज्यादा तरह के लोन ले सकता है, उनमें से कुछ के बारे में हम यहाँ बताते है । लोन धारक पर निर्भर करता है कि उनको किस प्रकार का बैंक लोन चाहिए। यदि आप किसी आर्थिक समस्या में हैं और लोन लेने की सोच रहे हैं तो लोन के प्रकार से जुड़ी जानकारी आपके काफी काम आ सकती है। आइए अब हम जानते हैं कि लोन कितने प्रकार के होते हैं,

पर्सनल लोन (Personal Loan)

पर्सनल लोन जिसे गैर जमानती लोन भी कह सकते हैं, यह लोन अपने नाम से ही व्यक्त करता है कि यह स्वयं का लोन। इस तरह के लोन के बारे में आपने भी कभी ना कभी सुना ही होगा, जिसमें ग्राहकों को व्यक्तिगत उद्देश्यों जैसे दवा-चिकित्सा के लिए, बच्चों की स्कूल फीस, घर का कोई सामना लेना इत्यादि) के लिए लोन मिलता है। यह लोन आपकी इनकम और क्रेडिट स्कोर को दीख कर मिलता है जिसमें आपकी सैलरी स्लिप की आवश्यकता पड़ती है। लोन के इस प्रकार में मिलने वाली राशि का उपयोग आप कभी भी कर सकते हैं।

बिजनेस लोन (Business Loan)

जब आपको किसी तरह का बिजनेस शुरू करना होता है तो उस समय ज्यादा पैसों की आवश्यकता पड़ती है ऐसे में आपको लोन लेने की जरूरत महसूस होती है। अगर आप अपना कोई भी बिजनेस शुरू करने का प्लान कर रहे हैं तब आपको इस तरह के लोन की आवश्यकता पड़ेगी, जिसमें आपको अपने सभी जरूरी दस्तावेज़ बैंक में जमा करने होते हैं। वैसे आप चाहें तो छोटा-मोटा व्यापार शुरू करने के लिए जिसमें कम लागत की जरूरत हो तो आधार कार्ड से तुरंत लोन पा सकते हैं।

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होम लोन (Home Loan)

जब हम जमीन ले लेते हैं और वहाँ पर घर बनाने का प्लान करते हैं तब उसके लिए हमें अधिक पैसों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बैंक लोन के प्रकार में होम लोन एक अच्छा विकल्प होता है जहाँ पर ग्राहक को घर खरीदने या बनवाने के लिए लोन मिलता है। यह लोन आपको केवल घर बनाने के लिए नहीं बल्कि मकान की रजिस्ट्री, घर की कीमत, स्टाम्प ड्यूटी आदि व्यय को जोड़कर बैंक लोन प्राप्त कर सकते हैं।

होम लोन में आपको खर्च की कुल राशि का 75 से 85% तक का लोन मिल सकता है बाकी बची राशि आप खुद से लगा सकते हैं। आप इस ऋण को बैंक से लंबी अवधि के लिए ले सकते हैं यह लोन काफी कम ब्याज दर पर मिलता है । हालांकि ब्याज के अतिरिक्त कुछ अन्य शुल्क भी इसमे शामिल होते हैं जैसे assessment fees, process fee, legal fees, administrative charges आदि।

वाहन और कार लोन (Vehicle or Car Loan)

यह लोन बैंको द्वारा दिया जाने वाला काफी कॉमन लोन है यह लोन किसी भी तरह के वाहन या कार खरीदने पर अप्लाई किया जाता है। बैंकों द्वारा कार खरीदने के लिए कई तरह का ऑफर दिया जाता है। आप यदि कोई गाड़ी या कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो शोरूम जाते हैं उस गाड़ी की थोड़ी कीमत खुद से देकर और बाकी की राशि के लिए बैंक से लोन लेकर अदा करते हैं जिससे गाड़ी आपके नाम हो जाती है। अब आपको उस गाड़ी के लिए लोन ली गई राशि को ब्याज के साथ fixed rate या floating rate पर उस बैंक को तय की गयी सीमा के अंदर चुकाते हैं।

क्रेडिट कार्ड लोन (Credit Card Loan)

जैसा कि नाम से ही जाहिर होता है कि ये एक ऐसा लोन है जिसके लिए आपके पास क्रेडिट कार्ड का होना जरुरी है क्योंकि उसके बिना यह लोन प्रभावी नहीं होता है। इस लोन में मिलने वाली राशि आपके कार्ड की लिमिट पर निर्भर करती है जितनी अधिक आपके कार्ड की लिमिट होगी उतना ही अधिक आपको लोन मिल सकेगा।

शिक्षा पर लोन (Education Loan)

हर किसी विद्यार्थी के लिए शिक्षा सबसे जरूरी चीज होती है लेकिन जब बात आती है हायर एजुकेशन की या किसी बड़े कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की तो बहुत से मेधावी छात्र-छात्राएँ अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे मे एजुकेशन लोन कारगर साबित होता है। बैंक लोन के इस प्रकार में स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए लोन दिया जाता है। जिसमें स्कूल की फीस से लेकर किताबों और अन्य कई तरह के खर्च शामिल होते हैं। विद्यार्थी चाहें तो विदेशों में पढ़ाई के लिए भी लोन ले सकते हैं।

एजुकेशन लोन में ली गई राशि पढ़ाई के लिए बहुत काम आती है जिसमें वह एक अच्छी गुणवत्ता में पढ़ने के लिए फीस अदा कर सकते हैं और बाद में नौकरी लग जाने पर वही राशि बैंक को चुका भी देते हैं, यही कारण है कि इसे एजुकेशन लोन कहा जाता है। हालांकि इस लोन के लिए एक गेरेँटर की जरुरत पड़ती है जो कि विद्यार्थी के माता-पिता या उसका रिश्तेदार हो सकते हैं। बशर्ते उनका खाता उसी बैंक में हो जिसमें उन्होंने लोन ले रखा है।

ट्रैवल लोन (Travel Loan)

लोन के प्रकार में ट्रैवेल लोन एक खास प्रकार का लोन है जिसमें ग्राहक को देश-विदेशों में घूमने के लिए भी लोन सुविधा मिलती है। यदि आप कहीं पर travelling कि योजना बना रहे हैं तो आप इस तरह का लोन ले सकते हैं जिसमें फ्लाइट टिकट, वीजा फीस, रहने-खाने के के खर्च शामिल रहते हैं।

प्रॉपर्टी लोन (Property Loan)

भारत में जमीन को खरीदना एक अच्छा invest  माना जाता है। अधिकतर यह देखा जाता है कि जब किसी के पास अधिक पैसे हो तो वह अपने लिए जमीन या घर खरीद लेता है। आगे चलकर किसी कारण वश उसके पास पैसों की तंगी आ गई तो वह उसी खरीदी हुई जमीन या घर को गिरवी रखकर बैंक से पैसे उधार ले सकता है और इसे ही प्रॉपर्टी लोन कहा जाता है। इस लोन के प्रकार में जैसी प्रॉपर्टी की कीमत होती है उसी आधार पर बैंक लोन देता है।

गोल्ड लोन (Gold Loan)

आपने सोने पर लोन देने वाली कई कंपनियों या बैंकों के ad जरूर देखे होंगे। इस प्रकार के लोन में बैंक की तरफ से ग्राहकों को सोना गिरवी रखने पर लोन के रूप में धन मिलता है इस लिए इस तरह के लोन को गोल्ड लोन कहा गया है। लोन की राशि, सोने के बाजार कीमत की करीब 70-80 फीसदी रहती है। लोन का ब्याज दर अलग-अलग बैंकों या वित्तीय संस्थाओं में अलग-अलग % पर महीने के हिसाब से लिया जाता है।

सैलरी एडवांस लोन (Salary Advance Loan)

बैंकों के द्वारा ग्राहकों को सैलरी एडवांस लोन की सुविधा भी दी जाती है, इस लोन मे जॉब वाले व्यक्ति को उसकी सैलरी का पैसा एडवांस में दिया जाता है जिसको वह किसी भी इमरजेंसी में इस्तेमाल कर सकते हैं।

मेडिकल लोन (Medical Loan)

इस लोन में आपको चिकित्सा (medical) से जुड़ी कई सुविधा मिलती है या यूं कहें कि मेडिकल लोन में आपको किसी तरह की बीमारी या आकस्मिक दुर्घटना के चलते एडमिट होने पर, बीमारी के इलाज के चलते, अस्पताल के खर्च से लेकर सभी तरह के कामों के लिए बैंक की तरफ से पैसों की मदद मिलती है।

रिपेयरिंग लोन (Repairing Loan)

यदि आप अपने उपयोग के लिए किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते हैं जैसे फ्रिज, टीवी, स्मार्टफोन, एसी, लैपटॉप इनमे किसी भी प्रकार की खराबी आने पर तब ऐसे काम के लिए बैंक ग्राहक को रिपेयरिंग लोन की सुविधा भी देता है जिसका इस्तेमाल उसकी मरम्मत (repairing) करवाने के लिए किया जा जाता है।

रेनोवेशन लोन (Renovation Loan)

बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को रेनोवेशन लोन की सुविधा भी प्रदान करी जाती है। इस लोन के प्रकार से आप घर की मरम्मत और अन्य तरह के कामों के लिए बैंक लोन ले सकते हैं और जैसा चाहें वैसा आप अपने घर को अपग्रेड करा सकते हैं।

सिक्योरिटी के बदले मिलने वाला लोन (loan Against Securities)

यदि आपने Mutual Fund, DEMAT Share, Insurance Scheme, Bond में इन्वेस्ट किया है वो अगर आपके लिए सिक्योरिटी पेपर  का काम करते हैं तो आपको इन securities के बदले बैंक लोन मिल जाता है। चाहें तो आप इनको गिरवी रखकर बैंक से लोन ले सकते हैं। यदि आप ली हुई राशि चुकाने में असमर्थ रहते हैं तो बैंक आपके सिक्योरिटी पेपर्स जब्त करके मार्केट में बेच सकता है।

Bank Loan FAQs

कौन-कौन से प्रकार के बैंक लोन होते हैं?

होम लोन: घर खरीदने या निर्माण के लिए.

व्यापार लोन: व्यापार शुरू करने या बढ़ाने के लिए.

व्यक्तिगत ऋण: शिक्षा, शादी, चिकित्सा आदि के लिए.

लोन के लिए कितना समय लगता है?

समय बैंक और लोन के प्रकार पर निर्भर करता है, हो सकता है कि इसमें कुछ दिन से लेकर कई सप्ताह तक का समय लग सकता है.

लोन की राशि और ब्याज दर कैसे तय होती है?

यह बैंक और आवश्यकता के आधार पर निर्भर करता है. ब्याज दर स्थायी और परिस्थितिक ब्याज दरों में हो सकती है.

क्या पूर्व-भुगतान की सुविधा है?

कुछ बैंक पूर्व-भुगतान योजनाएं प्रदान करते हैं, जिससे आप अपने ऋण को पहले भुगतान कर सकते हैं और ब्याज में कमी कर सकते हैं.

लोन की चुकता होने के बाद क्या होता है?

लोन की पूर्ण चुकता होने के बाद, आपको एक चुकता होने की पुष्टि मिलती है, और संबंधित दस्तावेज मिलते हैं.

क्या पूर्व-स्वीकृति आवश्यक है?

हाँ, लोन प्राप्त करने के लिए आपको बैंक द्वारा पूर्व-स्वीकृति मिलनी चाहिए.

लोन की रिकवरी कैसे की जा सकती है?

लोन की रिकवरी के लिए नियमित भुगतान करना और अधिक ब्याज को बचाने के लिए लोन को जल्दी से चुकता करना महत्वपूर्ण है.

निष्कर्ष-

तो दोस्तों आपको आपको हमारा यह आर्टिकल types of loan in hindi जानकारी कैसी लगी तो हमको आप कमेंट बॉक्स में बताना न भूलें और अगर आपका इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सुझाव या सवाल है तो हमें जरूर बताएं। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक और कमेंट करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर भी करना ना भूले। जिससे की types of loan in hindi जानकारी उनको भी मिल सके धन्यवाद

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