computer memory kya hai in hindi
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computer memory kya hai in hindi 2024 | कंप्यूटर मेमोरी क्या है सभी जानकारी

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आखिर कंप्यूटर मेमोरी होती क्या है? आज हम इसी के बारे मे बात करेगे आखिर computer memory kya hai in hindi कंप्यूटर मेमोरी एक ऐसा हिस्सा होता है जो की कंप्यूटर का डाटा सुरक्षित स्टोर करने के लिए काम आता है। यूँ कहे तो यह एक फिजिकल डिवाइस होता है, जिसका उपयोग अस्थायी तथा स्थायी तौर पर डाटा, instruction और information को स्टोर करने के लिए किया जाता है।

आज मैंने सोचा की अपने इस आर्टिकल के द्वारा कंप्यूटर मेमोरी के बारे मे सभी douts clear कर दिए जाये जिससे आपको मेमोरी से संबंधित सारी जानकारी यही मिल जाएगी कहीं दुसरे जगह जाने की आपको जरुरत ही नहीं है।

आर्टिकल मे आप आसानी से इन technical concepts को समझ सकते हैं। तो बिना देरी किये आर्टिकल शुरु करते हैं और जान लेते हैं कंप्यूटर मेमोरी क्या है और इसके प्रकार कितने होते है।

कंप्यूटर मेमोरी क्या है  कितने तरहा  की होती है – What is Computer Memory Hindi mai

कंप्यूटर मेमोरी  एक ऐसा स्टोरेज स्पेस होता है जो data जिसे process किया जाता है और जो भी instructions processing के लिए चाहिए होते है वो वहां पर स्टोर किये जाते हैं। जानकारी के लिए आपको पता होना चाहिए memory एक इन्सानी दिमाग के तरह ही होती है, जिसका इस्तेमाल data और instructions को store करने के लिए किया जाता है।

Computer memory को divide किया जाता है बहुत से number के small parts में जिन्हें की cells कहा जाता है। कंप्यूटर मेमोरी को डिवाइड किया जाता है बहुत से नंबर के small पार्ट्स मे जिनको सेल कहा जाता है प्रत्येक cell का एक unique address होता है, जो की वरिएस करती है जीरो से memory size minus one।

एक छोटे से उदाहरण से समझ लेते है जैसे की अगर आपके कंप्यूटर में 60k words हैं, तब इस memory unit में 60 * 1024 = 61440 memory locations होते हैं। इस memory locations की address varies करती है 0 से 61440.

मेमोरी किसी भी कंप्यूटर का बहुत ही essential हिस्सा होता है क्यूंकि इसके बिना कंप्यूटर एक छोटा सा टास्क भी नहीं कर सकता है। Computer memory दो basic type मे होती हैं – Primary memory / Volatile memory और Secondary memory / non-volatile memory।

यहाँ पर Random Access Memory (RAM) volatile memory होती है और Read-Only Memory (ROM) जो की एक non-volatile memory होती है।

कंप्यूटर मेमोरी के प्रकार | computer memory kya hai in hindi

कंप्यूटर मेमोरी के प्रकार को लेकर हमेशा doubts होते हैं। कंप्यूटर मेमोरी की मुख्य रूप से तीन प्रकार होती हैं।

  • Cache Memory
  • Primary Memory/ Main Memory
  • Secondary Memory

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Cache Memory क्या होता है?

Cache मेमोरी बहुत ही high speed semiconductor memory होती है जो की CPU को स्पीड up कर देती है। यह CPU और main memory के बीच एक buffer की तरह act करती है ।

इनका इस्तेमाल डाटा और प्रोग्राम के उन हिस्सों को hold करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें की CPU के द्वारा frequently इस्तेमाल किया जाता है। डाटा और Programs के हिस्सों को पहले ट्रान्सफर किया जाता है डिस्क से कैश मेमोरी तक operating system के द्वारा, जहाँ से उन्हें CPU आसानी से एक्सेस कर सकें।

Cache Memory के Advantages

चलिए Cache Memory के advantages के विषय में कुछ जान लेते हैं

  • Cache memory बहुत ही fast मेमोरी होती है main memory की तुलना में.
  • ये बहुत ही कम time consume करती हैं main memory की तुलना में.
  • ये उन प्रोग्राम्स को स्टोर करती हैं जिन्हें की एक short period of time के भीतर ही एक्सीक्यूट करना होता है.
  • ये data को temporary इस्तेमाल के लिए स्टोर करती हैं.

Cache Memory के Disadvantages

Cache Memory के कुछ Disadvantages के बारे में जानकारी ले लेते है

  • Cache memory की लिमिटेड कैपेसिटी होती है.
  • ये बहुत ही ज्यादा कीमती होता है.

Primary Memory (Main Memory) क्या होती है?

प्राइमरी मेमोरी केवल वही डाटा और instructions को होल्ड करती है जिसमें की कंप्यूटर अभी वर्क कर रहा हो। इसमें बहुत ही लिमिटेड कैपेसिटी होती है और डाटा इसमें लॉस्ट हो जाता है जब पॉवर को switched off कर दिया जाता है।

यह generally semiconductor device से बना होता है। यह memories registers की तरहा fast नहीं होते हैं। डाटा और इंस्ट्रक्शन जिन्हें की प्रोसेस करने की जरुरत होती है वो इसी main मेमोरी के भीतर reside करती है।

इन्हें दो subcategories RAM और ROM मे डिवाइड किया जाता है ।

Main Memory की Characteristics क्या है?

  • ये semiconductor memories होती है.
  • इसे मैं मेमोरी या प्राइम मेमोरी कहा जाता है
  • यह Usually volatile memory होती है.
  • main मेमोरी मे Data lost हो जाता है जब computer को switched off करा जाता है.
  • यह computer का working memory होता है.
  • यह बहुत ही Faster होते हैं secondary memories की तुलना में.
  • एक computer बिना primary memory के run नहीं करता है.

RAM क्या है

RAM को Random Access Memory कहा जाता है जो की इसकी फुल फॉर्म भी होती है । यह एक हिस्सा होता है कंप्यूटर की मैं मेमोरी का जिसे की CPU से direct access किया जा सकता है। RAM का इस्तेमाल डाटा को रीड और Write करने के लिए किया जाता है जिसे CPU randomly access करता है ।

memory RAM की volatile होती है, मतलब की जब पॉवर बंद हो जाती है, तब इसमें stored information लॉस्ट हो जाती हैं। ज्यादातर डाटा और प्रोग्राम जिन्हें की मॉडिफाई किया जाता है उन्हें RAM में स्टोर किया जाता है।

Integrated RAM chip के दो अलग अलग प्रकार available हैं :

  1. SRAM (Static RAM)
  2. DRAM (Dynamic RAM)

ROM क्या है

ROM की full form होती है Read Only Memory। चलिए इसके कुछ characteristics के विषय में जान लेते है।

  1. यह बहुत से crucial information जो की सिस्टम को ऑपरेट करने के लिए जरुरी होते हैं उन्हें ये स्टोर करता है, जैसे की प्रोग्राम जो की essential होते हैं कंप्यूटर को बूट करने के लिए।
  2. यह memory volatile होती हैं मतलब की Power के switch off होने के बाद भी इसमें data lost नहीं होता है।
  3. यह embedded systems में इस्तेमाल किया जाता है या जहाँ programming मे कोई change करने की जरुरत नहीं होती है।
  4. इन्हें calculators और peripheral devices में मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है।

Read Only Memory के प्रकार

  1. PROM (Programmable read-only memory) – इसे यूजर के द्वारा भी programme किया जा सकता है। और एक बार इसे programmed कर दिया जाता है तो जो भी data और instructions जो इसमें होते हैं उन्हें और चेंज नहीं किया जा सकता है।
  2. EPROM (Erasable Programmable read only memory) – इसको reprogrammed भी किया जा सकता है। इसमें डाटा को इरेस करने के लिए उन्हें expose किया जाता है ultra violet light में। साथ में इसको reprogram करने के लिए आपको सभी previous data erase करना पड़ता है।

 

3। EEPROM (Electrically erasable programmable read only memory) – इसमें डाटा इरेस किया जाता है इलेक्ट्रिक फील्ड को अप्लाई कर साथ में इसमें ultra violet light की कोई भी जरुरत नहीं होती है। हम चाहें तो चिप के सभी portions को इरेस कर सकते हैं।

Secondary Memory क्या होता है?

यह Computer की तीसरी और आखिरी मेमोरी होती है। इस प्रकार की मेमोरी को एक्सटर्नल मेमोरी या non-volatile memory कहा जाता है। ये बहुत ही slow होती है main मेमोरी की तुलना में। इसका मुख्य इस्तेमाल डाटा या इनफार्मेशन को permanently store करने के लिए होता है।

CPU इन memories को directly access नहीं कर सकते हैं, बल्कि इसके लिए उन्हें input-output routines का इस्तेमाल करना पड़ता है। Secondary memories के content को पहले transferred किया जाता है मैंन मेमोरी में और उसके बाद ही उन्हें CPU access कर पाता है। उदाहरण CD-ROM, DVD, Falsh Drive, Hard Drive इत्यादि।

Secondary Memory के Characteristics क्या होते हैं?

  • यह मैग्नेटिक और optical memories होते हैं.
  • इसे बैकअप मेमोरी भी कहा जाता है।
  • यह एक non-volatile memory होती है.
  • इसमें डाटा permanently stored होता है अगर आप पॉवर को switched off भी कर लें तब भी।
  • इसका इस्तेमाल कंप्यूटर में डाटा स्टोर करने के लिए होता है.
  • एक कंप्यूटर बिना एक secondary memory के भी चल सकती है.
  • ये बहुत ही स्लोवेर होते हैं primary memories की तुलना में.

कंप्‍यूटर मेमोरी की इकाई (Unit of Computer memory in Hindi)

जिस तरहा से समय की माप करने के लिये सैकेण्‍ड दूरी की नाप करने के लिए किलोमीटर और वजन का नाप करने के लिये ग्राम जैसे मात्रक बनाये गए हैं उसी प्रकार से ही कम्‍प्‍यूटर मेमोरी की स्‍टोरेज क्षमता का नाप करने के लिये भी मात्रक का निर्धारण किया गया है जिसे कंप्‍यूटर मेमोरी की इकाई कहा जाता हैं।

कंप्यूटर मेमोरी की सबसे छोटी इकाई बिट होती है जिसमे केवल एक बाइनरी डिजिट 0 अथवा 1 ही स्टोर हो सकता है। कंप्यूटर मेमोरी की मापन इकाई बढ़ते हुए क्रम में इस प्रकार है..।

 

1 बिट (bit)            0 या 1

4 बिट (bit)            1 निब्‍बल

8‍ बिट     1 बाइट (Byte)

1000 बाइट (Byte)               1 किलोबाइट (KB)

1024 किलोबाइट (KB)          1 मेगाबाइट (MB)

1024 मेगाबाइट (MB)           1 गीगाबाइट (GB)

1024 गीगाबाइट (GB)          1 टेराबाइट (TB)

1024 टेराबाइट (TB)              1 पेटाबाइट (PB)

1024 पेटाबाइट (PB)             1 एक्साबाइट (EB)

1024 एक्साबाइट (EB)          1 ज़ेटाबाइट (ZB)

1024 ज़ेटाबाइट (ZB)             1 योटाबाइट (YB)

मेमोरी कितने प्रकार की होती है?

कंप्यूटर में मेमोरी तीन प्रकार की होती है: प्राइमरी मेमोरी, सेकेंडरी मेमोरी और कैश मेमोरी | मेमोरी के बारे में मैंने आपको ऊपर विस्तार से बताया हुआ है।

1 मेगाबाइट (MB) कितना किलोबाइट (KB) होता है?

1 मेगाबाइट मे (MB) = 1024 किलोबाइट (KB) होता है।

निष्कर्ष-

तो दोस्तों आपको आपको हमारा यह आर्टिकल computer memory kya hai in hindi जानकारी कैसी लगी तो हमको आप कमेंट बॉक्स में बताना न भूलें और अगर आपका इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सुझाव या सवाल है तो हमें जरूर बताएं। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक और कमेंट करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर भी करना ना भूले। जिससे की computer memory kya hai in hindi जानकारी उनको भी मिल सके धन्यवाद

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